उभरती पीढ़ी: भारत के विकास की नयी उड़ान | विकसित भारत और नेताजी का सपना | KhabarForYou | Jyoti Swami | Guest Article
- DIVYA MOHAN MEHRA
- 15 Aug, 2026
- 85554
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Instagram:-@thedivyamehra
संपादकीय संदेश: आज का यह विशेष लेख मिसेज इंडिया टैलेंटेड 2024 की विजेता, प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता, सांस्कृतिक प्रेरक एवं DOITC में सहायक प्रोग्रामर श्रीमती ज्योति स्वामी द्वारा लिखा गया है। हमारे मंच पर यह प्रेरणादायक लेख साझा करने और देश की युवा शक्ति व 'नए भारत' को अपने विचारों से ऊर्जावान बनाने के लिए हम ज्योति स्वामी जी का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। हमें विश्वास है कि उनका यह दृष्टिकोण युवाओं को राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने और एक सशक्त भारत के निर्माण में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित करेगा।
(ज्योति स्वामी जी के सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यों से जुड़ने के लिए आप उन्हें ऊपर दिए गए लिंक के माध्यम से इंस्टाग्राम पर फॉलो कर सकते हैं।)
Rea More - आज़ादी या सिर्फ़ स्वतंत्रता? | स्वतंत्रता दिवस पर एक विशेष विचार-मंथन | KhabarForYou
स्वतंत्रता केवल विदेशी शासन से मुक्ति का नाम नहीं है, बल्कि यह अपने देश के भविष्य को स्वयं गढ़ने का अधिकार और जिम्मेदारी भी है। आज जब भारत स्वतंत्रता के 80वें वर्ष की ओर बढ़ रहा है, तब हमारे सामने एक नया प्रश्न है - क्या हमारी युवा पीढ़ी भारत को उस ऊँचाई तक ले जाने के लिए तैयार है, जिसका सपना हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने देखा था?
नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने युवाओं में केवल जोश नहीं, बल्कि अनुशासन, साहस, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण देखा था। उनका मानना था कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसकी युवा शक्ति के हाथों में होता है। आज उसी भावना को आधुनिक भारत की आवश्यकताओं के साथ जोड़ने की जरूरत है।
आज की पीढ़ी के सामने युद्ध का मैदान नहीं, बल्कि ज्ञान, तकनीक, नवाचार, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के नए मैदान हैं। आज देश को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो केवल नौकरी पाने की इच्छा न रखें, बल्कि रोजगार देने वाले बनें; केवल समस्याओं की चर्चा न करें, बल्कि समाधान खोजें; केवल अपने अधिकारों की बात न करें, बल्कि अपने कर्तव्यों को भी समझें।
भारत की युवा शक्ति यदि अपनी ऊर्जा को सही दिशा दे, तो हमारा देश विश्व की सबसे सशक्त और विकसित अर्थव्यवस्थाओं में अग्रणी भूमिका निभा सकता है। स्टार्टअप, डिजिटल इंडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष विज्ञान, स्वदेशी तकनीक और हरित विकास जैसे क्षेत्र युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आए हैं।
लेकिन विकास केवल आर्थिक आंकड़ों से नहीं मापा जा सकता। एक विकसित भारत वह होगा जहाँ शिक्षा सबके लिए हो, महिलाएँ सुरक्षित और आत्मनिर्भर हों, गाँवों में भी आधुनिक सुविधाएँ पहुँचें, स्वच्छता और पर्यावरण को प्राथमिकता मिले तथा हर नागरिक में राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना हो।
हमें नेताजी के साहस से प्रेरणा लेते हुए आज के समय की चुनौतियों का सामना करना होगा। हमें यह समझना होगा कि देशभक्ति केवल तिरंगा फहराने या राष्ट्रगान गाने तक सीमित नहीं है। ईमानदारी से अपना कार्य करना, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना, कानून का सम्मान करना, प्रकृति को बचाना और समाज के कमजोर वर्ग के लिए संवेदनशील होना भी राष्ट्रसेवा है।
आज की उभरती पीढ़ी के पास तकनीक है, प्रतिभा है, अवसर हैं और दुनिया से प्रतिस्पर्धा करने का आत्मविश्वास भी है। आवश्यकता केवल इस बात की है कि इन क्षमताओं को राष्ट्रहित की दिशा में लगाया जाए।
नेताजी ने जिस स्वतंत्र और आत्मनिर्भर भारत का सपना देखा था, उसे साकार करने की जिम्मेदारी अब हमारी पीढ़ी की है। हमें अपने भीतर यह विश्वास जगाना होगा -
हम केवल स्वतंत्र भारत के नागरिक नहीं हैं, हम विकसित भारत के निर्माता भी हैं। आइए, इस स्वतंत्रता दिवस पर हम संकल्प लें कि हम अपने ज्ञान, श्रम, प्रतिभा और समय का एक हिस्सा राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित करेंगे। क्योंकि भारत का भविष्य केवल सरकारों से नहीं, बल्कि उसके जागरूक, जिम्मेदार और कर्मठ नागरिकों से बनता है।
उठो युवा शक्ति, जागो राष्ट्र भावना,
भारत को बनाना है विश्व की नई पहचान।
नेताजी के साहस को अपना आधार बनाएं,
आत्मनिर्भर, सशक्त और विकसित भारत बनाएं।
जय हिंद
ज्योति स्वामी - विचार जो देश को दिशा दें!
राष्ट्रीय भावना
राष्ट्रीय भावना तो हमें और अपने बच्चों में जगानी पड़ेगी,
अर्धचेतन मन के बच्चों को सच्चा रास्ता दिखाना ही पड़ेगा।
कब तक बस यूँ ही हड़ताल के नाम पर दंगे सहने पड़ेंगे?
राष्ट्रभक्ति की कहानियाँ बच्चों को बचपन से सीखाना होगा।
दंगा कर देश के टुकड़े करने की बात अब कोई नहीं सुनेगा,
ट्रैफिक अव्यवस्था व राष्ट्रीय संपत्ति का नुकसान सहन नहीं होगा।
राष्ट्रीय धरोहरों पर नाम खोदने की ओछी करतूत को मिटाना होगा,
बाहर वालों के सामने देश की बेइज्जती करना हमें
कदापि नहीं सुहाएगा।
कवियों और साहित्यकारों को अपनी पैनी लेखनी को जगाना होगा,
अभद्रता को “कॉन्फिडेंस” के नाम से सजाने का रीत अब नहीं चलाना होगा।
देश की भाषा, देश के नियम और देश के सैनिकों का मान करना सीखना पड़ेगा,
देश की हर एक चीज़ को अपने कलेजे की कोर समझकर संभालना पड़ेगा।
देश से प्रतिभाओं का पलायन रोकना होगा, उन्हें यहीं अवसर देना होगा,
देश ने हमें बहुत कुछ दिया है, अब हमें का ऋण उतारना होगा।
देश को गालियाँ देने वालों को अब तो सबक सिखाना पड़ेगा,
हर कदम पर हमें अपनी नई पीढ़ी को सजग और जिम्मेदार बनाना पड़ेगा।
मिसेज इंडिया टैलेंटेड 2024, प्रख्यात सांस्कृतिक प्रेरक एवं प्रखर लेखिका ज्योति स्वामी अपनी धारदार लेखनी से आज के युवाओं और नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति की अलख जगा रही हैं। चाहे देश की धरोहरों की रक्षा का सवाल हो, प्रतिभा पलायन रोकने का संकल्प हो या सैनिकों के सम्मान की बात - ज्योति जी की कविताएँ सीधे दिल पर दस्तक देती हैं और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास कराती हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक, ओजस्वी कविताओं और उनके सामाजिक-सांस्कृतिक विचारों से लगातार जुड़ने के लिए उन्हें इंस्टाग्राम पर जरूर फॉलो करें
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